विवाद से पुस्तक को चर्चित करने का खेलतकनीक के जंगल में खो सकती है भाषाई विरासत!प्रभु श्रीराम की अलग-अलग छवि बनाने की कोशिशखबरों की दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चुनौतीहमें अपनी भाषा, जड़ और पृष्ठभूमि पर गर्व होना चाहिए: दुर्गेश सिंहयुवाशक्ति ही भरेगी भारत के सपनों में रंगदेश की संप्रभुता को डिजिटल चुनौतीसफेद सागर में शौर्य की अग्निराजेंद्र माथुर- विचारों की पत्रकारिता के नायकभारतीय परंपरा में गालियों का सौंदर्यशास्त्रवर्चुअल दुनिया में ‘लाइक’ और असली जिंदगी में सन्नाटा!डिजिटल चुनौती के बीच कैसे जिएं अखबारयुवा शक्ति के जागरण से ही बनेगा समर्थ भारतबेटियों के लिए बनाएं सुरक्षित दुनियाकम्युनिस्ट खतरों से आगाह करते ट्रंपघुसपैठियों और तुष्टीकरण की राजनीति पर लगे लगामज्ञान का इकोसिस्टम बनाती पत्रकारिताउदंत मार्तण्ड से डिजिटल युग तक बढ़ती हिंदी पत्रकारिताज्ञान-भारतम से बदलेगा इतिहास का लैंडस्केपअब यहां से कहां जाएं हम

प्रो. पवित्र श्रीवास्तव

प्रो. पवित्र श्रीवास्तव

हमें अपनी भाषा, जड़ और पृष्ठभूमि पर गर्व होना चाहिए: दुर्गेश सिंह

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में ‘अभ्युदय-2026’ का दूसरा दिन भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नवागत विद्यार्थियों के प्रबोधन

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प्रो. पवित्र श्रीवास्तव

उदंत मार्तण्ड से डिजिटल युग तक बढ़ती हिंदी पत्रकारिता

30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विशेष आलेख हिंदी पत्रकारिता भारतीय समाज, संस्कृति और लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण धुरी रही है। यह केवल समाचारों

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प्रो. पवित्र श्रीवास्तव

विज्ञापनों में भारतीयता के प्रणेता थे पीयूष पाण्डे

भारतीय विज्ञापन जगत में जब भी मौलिकता, रचनात्मकता और भारतीय संवेदना की बात होगी तो सबसे पहले जिस शख्स का नाम सामने आयेगा वे हैं

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हमारे प्रमुख लेखक
अनंत विजय

लगभग ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय अनंत विजय इस समय हिंदी में सबसे अधिक पढ़े जाने वाले समाचार पत्र दैनिक जागरण में कार्यरत हैं। उनको सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार स्वर्ण कमल से पुरस्कृत किया जा चुका है। उनको पत्रकारिता का सर्वोच्च सम्मान गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार और बिहार सरकार का फादर कामिल बुल्के सम्मान मिला है। उन्होंने अब तक 15 पुस्तकों का लेखन किया है।

डॉ. धनंजय चोपड़ा

पाठ्यक्रम समन्वयक, सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज़, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की भूमिका निभा रहे हैं । मीडिया, संवाद, पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते हैं। कई पुस्तकों के लेखक।

प्रो.संजय द्विवेदी

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में जनसंचार विभाग में आचार्य और अध्यक्ष हैं। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली के महानिदेशक रह चुके हैं। 32 पुस्तकों का लेखन और संपादन किया है।

डॉ.लालबहादुर ओझा

बीएचयू, वाराणसी में पढ़ाई के बाद जनसत्ता, कोलकाता और प्रभात खबर, राँची के साथ सक्रिय पत्रकारिता। आईआईएमसी, दिल्ली से अकादेमिक भूूमिका की शुरुआत। वर्तमान में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के जनसंचार विभाग में वरिष्ठ सहायक अध्यापक।

प्रो. पवित्र श्रीवास्तव

डॉ.पवित्र श्रीवास्तव, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में जनसंपर्क और विज्ञापन विभाग के अध्यक्ष हैं। देश के वरिष्ठ मीडिया अध्यापकों में शामिल हैं। फ़िल्म में विशेष रुचि। अनेक विश्वविद्यालयों के मीडिया विभागों में अध्ययन मंडल के सदस्य हैं।

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