क्या कभी आत्मदैन्य से मुक्त हो सकेंगे हम?सवालों के घेरे में हैं ‘जेएनयू के क्रांतिकारियों’ की ‘चयनित चुप्पियांसेंसर बोर्ड के समक्ष नई चुनौतियांहिंदी सेवा का अमित दृष्टांतबदलता सामाजिक यथार्थ और फिल्मकारों की कुंठासंचार और प्रबंधन के गुण सिखाते हैं श्रीगणेशकरियर की अंधी दौड़ में हांफती युवा पीढ़ी!विवाद से पुस्तक को चर्चित करने का खेलतकनीक के जंगल में खो सकती है भाषाई विरासत!प्रभु श्रीराम की अलग-अलग छवि बनाने की कोशिशखबरों की दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चुनौतीहमें अपनी भाषा, जड़ और पृष्ठभूमि पर गर्व होना चाहिए: दुर्गेश सिंहयुवाशक्ति ही भरेगी भारत के सपनों में रंगदेश की संप्रभुता को डिजिटल चुनौतीसफेद सागर में शौर्य की अग्निराजेंद्र माथुर- विचारों की पत्रकारिता के नायकभारतीय परंपरा में गालियों का सौंदर्यशास्त्रवर्चुअल दुनिया में ‘लाइक’ और असली जिंदगी में सन्नाटा!डिजिटल चुनौती के बीच कैसे जिएं अखबारयुवा शक्ति के जागरण से ही बनेगा समर्थ भारत

विविधा

By Media Vimarsh

भारत के डिजिटल जीवन की भाषा बने हिंदी : प्रो. संजय द्विवेदी

केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के आयोजन में हुआ राजभाषा पर विमर्श भोपाल, 29 सितंबर। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी का कहना है कि राजभाषा

Read More »
By Media Vimarsh

पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी समेत विभिन्न क्षेत्र की महान विभूतियां सम्मानित

खुशी फाउंडेशन ने किया ‘सेवा शिखर सम्मान’ समारोह का आयोजन लखनऊ, 26 सितम्बर। ख़ुशी फाउंडेशन और दिशा एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पी. एस.

Read More »
By Media Vimarsh

भविष्य की संभावनाओं पर नजर रखें मीडिया विद्यार्थी : स्नेहाशीष सूर

डिजिटल मीडिया के दौर में पत्रकारों के लिए तथ्यपरकता सबसे जरूरी भोपाल, 17 सितम्बर। वरिष्ठ पत्रकार एवं कोलकाता प्रेस क्लब के अध्यक्ष स्नेहाशीष सूर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार

Read More »
By Media Vimarsh

पत्रकार का लहजा नरम और सवाल सख्त होना चाहिए: अब्दुल वदूद साजिद

भोपाल, 16 सितंबर। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में बुधवार को एक विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दैनिक ‘इंक़लाब’ (उर्दू

Read More »
By Media Vimarsh

एआई के दौर में मौलिक अभिव्यक्ति और भाषाई संवेदना को बचाए रखना जरूरी : प्रो. संजय द्विवेदी

हिंदी दिवस पर आशा पारस फाउंडेशन द्वारा ‘एआई और भाषायी चुनौतियां’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित भोपाल, 15 सितंबर 2026। हिंदी दिवस के अवसर पर आशा पारस फॉर पीस एंड

Read More »
By Media Vimarsh

आबू रोड में तीन दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन का भव्य शुभारंभ

हमें ए आई का सकारात्मक प्रयोग करना चाहिए: राणा यशवंत आसान नहीं है सच के साथ खड़े रहना: प्रो.संजय द्विवेदी देश भर से लगभग 2000 से अधिक मीडियाकर्मी हैं सहभागी

Read More »
हमारे प्रमुख लेखक
अनंत विजय

लगभग ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय अनंत विजय इस समय हिंदी में सबसे अधिक पढ़े जाने वाले समाचार पत्र दैनिक जागरण में कार्यरत हैं। उनको सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार स्वर्ण कमल से पुरस्कृत किया जा चुका है। उनको पत्रकारिता का सर्वोच्च सम्मान गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार और बिहार सरकार का फादर कामिल बुल्के सम्मान मिला है। उन्होंने अब तक 15 पुस्तकों का लेखन किया है।

डॉ. धनंजय चोपड़ा

पाठ्यक्रम समन्वयक, सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज़, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की भूमिका निभा रहे हैं । मीडिया, संवाद, पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते हैं। कई पुस्तकों के लेखक।

प्रो.संजय द्विवेदी

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में जनसंचार विभाग में आचार्य और अध्यक्ष हैं। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली के महानिदेशक रह चुके हैं। 32 पुस्तकों का लेखन और संपादन किया है।

डॉ.लालबहादुर ओझा

बीएचयू, वाराणसी में पढ़ाई के बाद जनसत्ता, कोलकाता और प्रभात खबर, राँची के साथ सक्रिय पत्रकारिता। आईआईएमसी, दिल्ली से अकादेमिक भूूमिका की शुरुआत। वर्तमान में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के जनसंचार विभाग में वरिष्ठ सहायक अध्यापक।

प्रो. पवित्र श्रीवास्तव

डॉ.पवित्र श्रीवास्तव, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में जनसंपर्क और विज्ञापन विभाग के अध्यक्ष हैं। देश के वरिष्ठ मीडिया अध्यापकों में शामिल हैं। फ़िल्म में विशेष रुचि। अनेक विश्वविद्यालयों के मीडिया विभागों में अध्ययन मंडल के सदस्य हैं।

हाल की पत्रिकाएँ