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भविष्य की संभावनाओं पर नजर रखें मीडिया विद्यार्थी : स्नेहाशीष सूर

डिजिटल मीडिया के दौर में पत्रकारों के लिए तथ्यपरकता सबसे जरूरी

भोपाल, 17 सितम्बर। वरिष्ठ पत्रकार एवं कोलकाता प्रेस क्लब के अध्यक्ष स्नेहाशीष सूर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के जनसंचार विभाग पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया और बदलते मीडिया परिदृश्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो.संजय द्विवेदी ने उन्हें विभाग की गतिविधियों से परिचित कराया।

श्री सूर ने कहा कि मीडिया के जिस भी क्षेत्र में आपको जाना है उसकी भविष्य की संभावनाओं पर सतत नजर रखें। क्योंकि मीडिया का परिदृश्य बहुत तेजी से बदल रहा है। ऐसे में करियर की बेहतर संभावनाओं को जानने के लिए इंडस्ट्री के भविष्य को जानते रहना जरूरी है। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उन्होंने डीपीडीपी एक्ट (Digital Personal Data Protection Act) के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने FICCI की वेबसाइट और मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र से संबंधित उपलब्ध जानकारियों के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया।

उन्होंने कहा कि बढ़ते डिजिटल मीडिया के दौर में पत्रकारों के लिए फैक्चुअल यानी तथ्यपरक होना अत्यंत आवश्यक है। पत्रकारिता में विश्वसनीयता का आधार तथ्य हैं और किसी भी सूचना को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना पत्रकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। श्री स्नेहाशीष सूर ने विद्यार्थियों से कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थी होने के नाते उन्हें नियमित रूप से अखबार पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने बदलते मीडिया परिदृश्य पर चर्चा करते हुए टेलीविजन के भविष्य को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में टेलीविजन का प्रभाव और उसका पारंपरिक स्वरूप कम हो सकता है। क्योंकि दर्शकों की मीडिया खपत तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रही है। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, डिजिटल मीडिया की चुनौतियों और एक अच्छे पत्रकार के लिए आवश्यक गुणों पर भी चर्चा की। इस अवसर पर विभाग की छात्रा शैव्या शर्मा ने पुस्तक भेंट कर श्री सूर का स्वागत किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री गिरीश उपाध्याय, श्री साकेत दुबे, डा.गरिमा पटेल, डा.शलभ श्रीवास्तव, डा.उदित्य सिंह सेंगर, डा.बबितारानी घोष उपस्थित रहे।

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