महात्मा फुले शताब्दी की समिति में साहित्यकार नीरजा माधव मनोनीतपत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं का हस्तांतरण नहीं न्याय की पक्षधरता हैकला-संस्कृति से जुड़ी संस्थाओं का हो पुनर्गठनरचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर बेईमानीफिल्मों से निकलते संदेश और हमारा समाजमीडिया में दिख रहा है किस औरत का चेहरा!भारतीय उच्चादर्शों को स्थापित करने वाले नायक हैं रामजनसंचार शिक्षा को सरोकारों से जोड़ने की जरूरतसाहित्य अकादेमी पुरस्कारों से उठते गंभीर प्रश्नचुनावी कवरेज की भी है लक्ष्मण रेखा!हिंदी के विरुद्ध ‘पवित्र जिहाद’पठनीयता के संकट के बीच खुद को बदल रहे हैं अखबारसमय के साथ बदला है हमारा मीडियाभारत को जानो, भारत को मानो!विज्ञापनों में भारतीयता के प्रणेता थे पीयूष पाण्डेगाँधी के रामहिन्दी पत्रकारिता की आगामी दिशातय हों मीडिया कवरेज की हदें और सरहदेंजाति, बाहुबल के बीच विकसित बिहार के सपने!संपादक के विस्थापन का कठिन समय!

महात्मा फुले शताब्दी की समिति में साहित्यकार नीरजा माधव मनोनीत

प्रधानमंत्री करेंगे उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता

भारत के राष्ट्रपति द्वारा सर्वोच्च महिला नागरिक सम्मान नारी शक्ति पुरस्कार 2021 से सम्मानित एवं देश की जानी-मानी साहित्यकार डॉ नीरजा माधव प्रधानमंत्री के चेयरमैनशिप के अंतर्गत बनी उच्च स्तरीय समिति की सदस्य बनाई गई हैं। यह समिति प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महात्मा ज्योतिबा फुले के दो सौवीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में दो वर्षीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन हेतु बनाई गई है।

यह सूचना नीरजा माधव को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली, के संयुक्त सचिव की ओर से प्राप्त हुई है। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साहित्यिक पहचान बना चुकीं नीरजा माधव को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के बुक प्रमोशन काउंसिल में भी लेखक सदस्य के रूप में नामित किया गया है। साथ ही वे उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा कबीर अकादमी की शासी सदस्य भी बनाई गई हैं। इसके पूर्व वे भारत सरकार द्वारा एनबीटी की न्यासी सदस्य भी रह चुकी हैं।

उनके उपन्यास और कहानियां विभिन्न विश्वविद्यालयों और राज्य बोर्ड के पाठ्यक्रमों में शामिल किए गए हैं। डॉ नीरजा माधव के साहित्य पर देशभर के विश्वविद्यालयों में शोध कार्य हुए हैं और हो रहे हैं।

Share this post